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DELHI POLICE – ANTI HUMAN TRAFFICKING UNITS (AHTU )

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 NATIONAL LEGAL RESEARCH DESK IS A SHAKTI VAHINI LEGAL RESEARCH INITIATIVE

S.No. Name Post E-mail ID Office Contact Number. Mobile number
1. Sh. Sanjay Kumar Jain DCP/ Crime & Railways dcp-crime-dl@nic.in 234900252 9818099052
2. Dr. Joy Tirkey Addl. DCP/ Crime 27292523 9818099083
3. Sh. M.S.Bisht ACP/ AHTU, Crime Branch Acp-aks-dl@nic.in 2729284427292877 8750871210
4. Sh. B.S. Jaiswal DCP/ Outer dcp-outer-dl@nic.in 27034873 9971002497
5. Sh. Narender Mohan ACP/ AHTU, Outer 27026096 9560144623
6. Sh. Romil Baaniya Addl. DCP/ North West dcp-northwest-dl@nic.in 27454825 9818099046
7. Sh. Jagdish Prasad ACP/AHTU, North West 27323566 9810016193
8. Ms. Sindhu Pillay DCP/North dcp-north-dl@nic.in 23817012 9818099045
9. Sh. Nand Kishor Meena ACP/AHTU,North 27524838 9868551819
10. V.V. Choudhary Addl.CP/ North East dcp-northeast-dl@nic.in 22825655 9818099043
11. Sh. M.L.Sharma ACP/AHTU,North East 22820958 9810391984
12. Sh. Prabhakar DCP/ East dcp-east-dl@nic.in 22308568 9818099042
13. Sh. Jag Ram ACP/AHTU,East 22304372 9811569466
14. Ms. Chhaya Sharma DCP/South dcp-south-dl@nic.in 26857726 9818099047
15. Sh. Bharat Singh ACP/AHTU,South 26852588 9811310891
16. Sh. Ajay Choudhary Addl.CP/South East dcp-southeast-dl@nic.in 26825544 9818097648
17. Sh. Jitendra Mani ACP/AHTU,South East 26277852 9910874580
18. Sh. V. Rengnathan Addl.CP/ West dcp-west-dl@nic.in 25453992 9818099049
19. Sh. Raj Singh ACP/AHTU,West 25915617 9873433043
20. Anil Kumar Ojha Addl CP/ South West dcp-southwest-dl@nic.in 28042990 9818099048
21. K.P. Kukreti ACP/AHTU,South West 28041680 9810988598
22. Sh. D.C.Shrivastava Addl.CP/ Central dcp-central-dl@nic.in 23261377 9818099044
23. Sh. Om Prakash ACP/AHTU,Central 23242976 9818040134
24. Sh. K.C. Dwivedi Addl.CP/New Delhi dcp-newdelhi-dl@nic.in 23747777 9818099041
25. Sh. R.S.Khatri ACP/AHTU,New Delhi 23361231 Extn.3499 9871785005

 

3 COMMENTS

  1. चोरों को पकडवाने की सज़ा मुझे क्यों? चोरों के हाथों से अपना फोन छुडवाया पुलिस के हाथ में फसाया।

    मेरे साथ ०३-०१-२०१३ शाम ७ बज कर ५ मिन्ट पर एक दु्र्घटना हुई। मैं शाम को डयूटी जा रहा था और रा के पुरम के गेट नम्बर ३ पे अपनी औफिस कैब का इन्तज़ार कर रहा था। उसी समय दो चोर मोटरसाइकल पर सवार आये और मेरे सामने बाइक खडी कर दी और पूछने लगे, भैय्या यहां सैक्टर ५ में एक यादव कोचिंग सेंटर है, उस का पता बता सकते हैं। मैंने कहा, “मुझे मालूम नहीं है आगे जा के पता कर लो”। एक चोर ने पूछा कि यह गेट नम्बर ३ है? मैंने कहा हां यही गेट नम्बर ३ है।

    तव एक चोर कहा भैय्या एक काल करवा देंगे हमारे फोन में बैलेंस खत्म हो गया है, मैंने कहा ठीक है नम्बर बताओ। उन्होंने यह नम्बर दिया- ९९५३४५८६२४। मैंने नम्बर मिलाया और यादव कोचिंग सेंटर के बारे में पूछा तो जबाव आया, रोन्ग नम्बर है। फिर चोर ने कहा नम्बर तो सही है, यह अंकित सर का नम्बर है। पलीज़ एक बार मुझे मिलाने दो। मैंने सीधे स्वभाव से फोन उसे दे दिया उसी टाइम आगे वाले बाइक सवार ने बाइक भगाना शुरू कर दिया। तभी मैंने लपक कर बाइक पकड ली और जोर लगा कर बाइक गिरा दी और दोनों को पकड लिया और शोर मचाया और कुछ देर में लोग इक्कठे हो गये। मैंने अपना फोन उन से छीन लिया, भीड में से किसी ने पुलिस को काल कर दिया और करीब ५-८ मिनट में पुलिस आ गई। पुलिस ने मेरा नाम पता लिखा और मुझे थाने चलने को कहा। मैंने कहा मैं औफिस जा रहा हूं और अभी नहीं जा सकता। उन्होंने कहा ठीक है सुबह ८ बजे सैक्टर -१२ के थाने आ जाना और ऐ एस आई पंकज ठाकरान या एस आई धर्मपाल से मिलना, मैंने कहा ठीक है।

    मैं सुवह ८ बजे (०४-०१-२०१३) को सैक्टर -१२ के थाने पंहुचा मगर एस आई धर्मपाल जी नहीं मिले। मैंने किसी से नम्बर लिया और एस आई धर्मपाल जी को काल की। जबाव आयाः मैं घर पर हूं आप ए एस आई पंकज ठाकरान से मिलो। मैं ए एस आई पंकज ठाकरान के पास गया और तो उसने कहा, अभी मेरे पास टाइम नहीं है, बाद में आना।

    मै दोपहर में सो रहा था तो एस आई धर्मपाल आए और मुझे अपनी बाइक पर सैक्टर -१२ के थाने मेरा बयान नोट करने के बहाने ले आऐ। उन्होंने कहा एक आधे घण्टे में काम हो जाएगा। FIR दर्ज की गई, उन्होंने मेरा फोन भी यह कह के अपने पास रख लिया आज शाम ये कोर्ट में दिखाना है और कल मुझे वापिस कर देंगे। मैंने उन्हे वताया कि मुझे आफिस की कैब से फोन आते हैं और फोन नहीं दे सकता, तो उन्होंने कहा की आज मैनेज कर लो कल वे खुद ही फोन वापिस कर देंगे। मैं मान गया और फोन जमा करवा दिया। एस आई धर्मपाल जी ने यह भी कहा था की वह हमें घर छोड देंगे मगर जब उनका काम हो गया तो कहा अब आप खुद से चले जाओ। मैं पैसे ले के भी नहीं आया था और फिर मुझे घर पैदल जाना पडा और परेशानी का सामना करना पडा। और उस दिन शाम को मैं फोन न होने की वजह से औफिस नहीं जा पाया।

    आज ०५ -०१ – २०१३ को कोई भी मेरा फोन वापिस करने नहीं आया तो मैंने एस आई धर्मपाल जी को फोन किया कि आप मेरा फोन वापिस कर दो तो उन्होंने कहा कि फोने वापिस लेने के लिय कोर्ट में Application देनी होती हैं मैंने उन्हें कहा कि मुझे चोरों को पकडवाने के सजा क्यों मिल रही हैं, इस से तो अच्छा होता कि मैं अपना फोन ले के उन चोरों को जाने देता। एस आई धर्मपाल जी मुझे आश्वासन दिया कि वे कल आफिस आने पर फोन करेंगे और आगे देखते हैं क्या होता है। मैंने उन्हें बताया कि फोन की वजह से मैं औफिस नहीं जा पाया तो मेरी नौकरी तक जा सकती है क्योंकि मैं रात की नौकरी करता हूं और केवल फोन ही एक communication mode है.

    वाह रे मेरे देश का कानून, चोरों की बजाय उन लोगों को सज़ा मिलती है जो समाज में सुधार करना चाहते हैं। अब मुझे सच में टेंशन हो गई है।

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